आज सूर्य और चंद्रमा कहाँ हैं, चित्र में: चंद्रमा की कला और तिथि, कोरापुट के लिए सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और राहु काल, राशि चक्र, और परंपरा बारह राशियों में से हर एक के लिए क्या फल बताती है। यह हर दिन अपने आप बदलता है; आगे देखने के लिए कोई और तारीख चुनिए।
- सूर्य और चंद्रमा
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कोरापुट शहर, बुधवार, 4 नवंबर 2026
दशमीकृष्ण पक्ष (घटता चाँद)27% रोशन
- सूर्योदय
- 6:00 AM
- सूर्यास्त
- 5:25 PM
- चंद्रोदय
- 1:27 AM
- चंद्रास्त
- 2:08 PM
- दिन की रोशनी
- 11 घंटे 25 मिनट
- राहु काल
- 11:43 AM – 1:08 PM
एक नज़र में आज का दिन
सूर्य और चंद्रमा कहाँ हैं
सूर्योदय के समय का पंचांग
- तिथि
- दशमीकृष्ण पक्ष (घटता चाँद) · 11:05 AM तक
- नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी5 नवंबर, 3:31 AM तक
- चंद्र राशि
- सिंह5 नवंबर, 9:35 AM तक
- सूर्य राशि
- तुला16 नवंबर, 7:42 PM तक
आज हर राशि के लिए
अपनी राशि ढूँढिए, यानी वह राशि जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था (यह आपकी जन्म कुंडली में लिखी होती है)। फल इस बात से गिना जाता है कि आज का चंद्रमा, जो सिंह में है, आपकी राशि से कहाँ खड़ा है।
मेष
चंद्रमा 5वें भाव में · सावधानी से
योजनाएँ अटक सकती हैं। परंपरा आज नई शुरुआत के बजाय धैर्य को बेहतर मानती है।
सूर्य 7वें भाव में: इस महीने कम शुभ
बृष
चंद्रमा 4वें भाव में · सावधानी से
परंपरा घर पर या रास्ते में बेचैनी बताती है। योजनाएँ सरल रखिए।
सूर्य 6वें भाव में: इस महीने शुभ
मिथुन
चंद्रमा 3वें भाव में · शुभ
मेहनत का फल मिलता है। परंपरा इसे सफलता और साहस का दिन मानती है, काम निपटाने का दिन।
सूर्य 5वें भाव में: इस महीने कम शुभ
कर्कट
चंद्रमा 2वें भाव में · सावधानी से
आज पैसा खर्च होने की ओर रहता है। परंपरा खर्च और बोली, दोनों में सावधानी की सलाह देती है।
सूर्य 4वें भाव में: इस महीने कम शुभ
सिंह
चंद्रमा 1वें भाव में · शुभ
चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है। परंपरा इसे स्थिर मन, आराम और अच्छे भोजन का दिन मानती है।
सूर्य 3वें भाव में: इस महीने शुभ
कन्या
चंद्रमा 12वें भाव में · सावधानी से
खर्च और थकान। परंपरा आराम करने और पैसे में सावधानी की सलाह देती है।
सूर्य 2वें भाव में: इस महीने कम शुभ
तुला
चंद्रमा 11वें भाव में · शुभ
लाभ और अच्छी खबर: परंपरा इसे महीने के सबसे अच्छे दिनों में गिनती है।
सूर्य 1वें भाव में: इस महीने कम शुभ
बिछा
चंद्रमा 10वें भाव में · शुभ
काम अच्छा चलता है। परंपरा इसे सफलता और पहचान का दिन मानती है।
सूर्य 12वें भाव में: इस महीने कम शुभ
धनु
चंद्रमा 9वें भाव में · सावधानी से
परंपरा देरी और थकान बताती है। धीरे चलिए।
सूर्य 11वें भाव में: इस महीने शुभ
मकर
चंद्रमा 8वें भाव में · चंद्राष्टम
चंद्राष्टम, आपकी राशि के लिए चंद्रमा के महीने का सबसे कठिन दिन। परंपरा नई शुरुआत और बहस से बचने की सलाह देती है।
सूर्य 10वें भाव में: इस महीने शुभ
कुंभ
चंद्रमा 7वें भाव में · शुभ
साथ, आराम और अच्छा भोजन: लोगों से मिलने के लिए अच्छा दिन।
सूर्य 9वें भाव में: इस महीने कम शुभ
मीन
चंद्रमा 6वें भाव में · शुभ
परंपरा इसे अच्छी सेहत और मुश्किलों पर भारी पड़ने का दिन मानती है।
सूर्य 8वें भाव में: इस महीने कम शुभ
भारतीय समय में कोरापुट शहर के लिए निकाला गया, किसी पंजिका से नकल नहीं किया गया: सूर्य और चंद्रमा मानक खगोलीय सूत्रों से, राशियाँ लाहिड़ी अयनांश से, और राहु काल दिन की रोशनी के आठवें हिस्से की सामान्य रीति से। छपी पंजिका में कुछ मिनट का फ़र्क हो सकता है, और जिस दिन तिथि या नक्षत्र सूर्योदय के आसपास बदले, उस दिन वह अगली तिथि या नक्षत्र का नाम दे सकती है। ये फल पारंपरिक ज्योतिष हैं, भविष्यवाणी नहीं: सेहत, पैसे या कानूनी फ़ैसले इनके आधार पर मत लीजिए।
फल कैसे निकाले जाते हैं
ओड़िया राशिफल आपकी राशि से शुरू होता है, यानी वह राशि जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। उससे गिनने पर आज का चंद्रमा बारह भावों में से किसी एक में पड़ता है, और परंपरा (चंद्र गोचर) हर भाव को एक स्वभाव देती है: पहला, तीसरा, छठा, सातवाँ, दसवाँ और ग्यारहवाँ शुभ हैं, आठवाँ, यानी चंद्राष्टम, सबसे कठिन है, और बाकी में सावधानी चाहिए। चंद्रमा लगभग हर सवा दो दिन में आगे बढ़ जाता है, इसलिए फल भी उसके साथ बदलते हैं। सूर्य का भाव, इसी तरह गिना गया, महीने में एक बार हर संक्रांति पर बदलता है; यह तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव में शुभ है।
कार्डों के रंग: शुभ दिन के लिए हरा, सावधानी वाले दिन के लिए पीला-नारंगी, और चंद्राष्टम के लिए लाल। चंद्रमा अपनी राशि कब छोड़ता है, यह पंचांग में लिखा है, और फल उसी समय बदलते हैं।
राहु काल
राहु काल सूर्योदय से सूर्यास्त तक की दिन की रोशनी का आठवाँ हिस्सा है, जिसमें कई परिवार कोई नई शुरुआत नहीं करते। कौन सा आठवाँ हिस्सा, यह वार पर निर्भर है: सोमवार को दूसरा, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आखिरी। यह कोरापुट के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त के हिसाब से चलता है, इसलिए साल भर खिसकता रहता है।
आने वाले महीनों का सूर्योदय और चंद्रोदय
हर दिन का समय, महीने दर महीने, हमारे सूर्योदय और सूर्यास्त पेज और चंद्रोदय और चंद्रास्त पेज पर है। त्योहारों और व्रतों के लिए ओड़िया कैलेंडर देखिए।






